राजस्थान में मॉनसून की विदाई के बाद भी, मौसम एक बार फिर करवट ले रहा है। मौसम विज्ञान, जयपुर के अनुसार, आज (4 अक्टूबर) से एक नया और प्रभावी पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तरी भारत में सक्रिय हो रहा है, जिसका सीधा और व्यापक असर राजस्थान पर अगले आने वाले तीन दिनों— 5, 6 और 7 अक्टूबर— को देखने को मिलेगा। इस मौसमी प्रणाली के प्रभाव से, पूरे प्रदेश के उत्तरी, पश्चिमी, और कुछ मध्य भागों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 5 अक्टूबर को जहां पश्चिमी राजस्थान (बीकानेर, जोधपुर संभाग) में आंधी और मेघगर्जन के साथ बारिश शुरू होगी, वहीं 6 अक्टूबर को यह तंत्र अपने चरम पर रहेगा। इस दिन पुरे प्रदेश बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जिसका मतलब है कि इन क्षेत्रों में तेज हवाओं (30-40 किमी प्रति घंटा), आकाशीय बिजली चमकने और स्थानीय स्तर पर जलभराव की समस्या पैदा करने वाली मूसलाधार बारिश हो सकती है |

4 अक्टूबर को भरतपुर, धौलपुर, करौली, बारां, झालावाड़, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, उदयपुर, अजमेर, सिरोही, जालोर, राजसमंद, पाली, जोधपुर और बाड़मेर जिलों में मौसम अस्थिर रहने की चेतावनी दी गई है।
6 अक्टूबर को पूरे प्रदेश के लिए आंधी और बारिश का यलो अलर्ट जारी रहेगा।

7 अक्टूबर को अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, टोंक, भीलवाड़ा, बूंदी, कोटा, बारां, झालावाड़, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, राजसमंद, उदयपुर और सिरोही जिलों के लिए बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
पिछले 24 घंटों में भी नागौर, प्रतापगढ़, राजसमंद, जोधपुर और बाड़मेर समेत कई जिलों में हल्की से तेज बारिश हुयी है।इसके अलावा जोधपुर, बाड़मेर, जालोर और जैसलमेर के कुछ इलाकों में भी देर रात बादल छाए और हल्की बारिश हुई।
मौसम विभाग और राजस्थान सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे नदी-नालों और खुले क्षेत्रों में जाने से बचें, वाहन चलाते समय सतर्क रहें और मौसम अपडेट पर लगातार नजर रखें



